28 June in History: ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार 28 जून वर्ष का 179वां (लीप वर्ष में यह 180वां) दिन है। साल में अभी 186 दिन शेष हैं। भारत और विश्व इतिहास में 28 जून का खास महत्व है, क्योंकि इस दिन कई महत्वपूर्ण घटनाएं घटी जो इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज होकर रह गईं हैं।
आज का इतिहास में जानिए आज के दिन जन्मे चर्चित व्यक्ति, प्रसिद्ध व्यक्तियों के निधन, युद्ध संधि, किसी देश की आजादी, नई तकनिकी का अविष्कार, सत्ता का बदलना, महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दिवस के बारे में। आईए हिमाचल न्यूज़ में पढ़ें भारत और विश्व इतिहास के पन्नों में दर्ज 28 जून का इतिहास एवं घटनाक्रम।
28 जून की प्रमुख घटनाएं (What Happened on 28 June in History)
जब एक इंसान लंगूर के लिवर से 70 दिन तक जिंदा रहा, 1989 में पहली बार हुआ था ये अनोखा लिवर ट्रांसप्लांट
अमेरिका में रहने वाले 34 साल के थॉमस (बदला हुआ नाम) का लिवर ठीक से काम नहीं कर रहा था। उनके लिवर के अंदरूनी हिस्सों में ब्लीडिंग हो रही थी। जब थॉमस ने लिवर की जांच करवाई तब पता चला कि उन्हें हेपेटाइटिस बी और एड्स दोनों हैं। इसी दौरान थॉमस का एक एक्सीडेंट हुआ जिसमें स्पलीन (तिल्ली) में काफी घाव हुए और बाद में उनकी स्पलीन को भी निकालना पड़ा। ये साल 1989 की बात है।
थॉमस को डॉक्टरों ने लिवर ट्रांसप्लांट की सलाह दी, लेकिन थॉमस को इतनी सारी बीमारियां थीं कि कोई भी डॉक्टर ट्रांसप्लांट करने को तैयार नहीं था। थक-हारकर थॉमस जनवरी 1992 में पिट्सबर्ग आए। इस समय पीलिया, लिवर में परेशानी, हेपेटाइटिस और एड्स की वजह से उनकी हालत दिन-ब-दिन गिरती जा रही थी।
आखिरकार पिट्सबर्ग के डॉक्टर थॉमस स्टार्जल और डॉक्टर जॉन फंग लिवर ट्रांसप्लांट करने को राजी हुए। ये दोनों डॉक्टर उस समय अमेरिका में ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए मशहूर थे। दोनों डॉक्टरों ने तय किया कि थॉमस को लंगूर का लिवर ट्रांसप्लांट किया जाएगा।
उस समय माना जाता था कि लंगूर के लिवर पर HIV (AIDS) वायरस का कोई असर नहीं होता है। साथ ही अलग-अलग मेडिकल इंस्टीट्यूट्स में लंगूर के लिवर ट्रांसप्लांट को लेकर कई रिसर्च भी की जा रही थी। टेक्सास के साउथवेस्ट फाउंडेशन फॉर रिसर्च एंड एजुकेशन से 15 साल के एक लंगूर को लाया गया। इस लंगूर और थॉमस का ब्लड ग्रुप एक ही था।
डॉक्टरों की टीम ने एक जटिल ऑपरेशन के बाद आज ही के दिन यानी 28 जून को लंगूर के लिवर को थॉमस के शरीर में ट्रांसप्लांट कर दिया। 5 दिन बाद थॉमस को खाना खिलाना और चलाना शुरू किया गया। तीन हफ्तों बाद लिवर का वजन भी बढ़ गया और लिवर नॉर्मल फंक्शनिंग करने लगा।
करीब 1 महीने बाद थॉमस को हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई। इस समय तक ये लिवर ट्रांसप्लांट सफल था। पूरा चिकित्सा जगत इसे एक बड़ी उपलब्धि मान रहा था। हालांकि जानवरों से इंसानों में ये पहला ट्रांसप्लांट नहीं था। इससे पहले भी सूअर और लंगूर के अंगों को इंसानों में ट्रांसप्लांट किया गया था, लेकिन उनमें से ज्यादातर लोगों की मौत ट्रांसप्लांट के एक महीने के भीतर ही हो गई थी।
थॉमस हॉस्पिटल से घर पहुंचे, लेकिन 21 दिनों बाद ही थॉमस के पूरे शरीर में संक्रमण फैल गया और गुर्दे ने काम करना बंद कर दिया। उन्हें वापस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया और डायलिसिस शुरू किया गया। थॉमस के शरीर में धीरे-धीरे संक्रमण बढ़ता गया और ट्रांसप्लांट के 70 दिनों बाद थॉमस की ब्रेन हैमरेज से मौत हो गई।
उसके बाद जनवरी 1993 में भी एक 62 साल के शख्स को लंगूर का लिवर ट्रांसप्लांट किया गया, लेकिन 26 दिन बाद ही उसकी भी मौत हो गई।
1838: क्वीन विक्टोरिया का राज्याभिषेक
20 जून 1837 को ब्रिटेन के किंग विलियम IV का निधन हो गया। किंग विलियम की कोई संतान नहीं थी, इस वजह से विक्टोरिया को ब्रिटेन की रानी बनाया गया। आज ही के दिन साल 1838 में उनका राज्याभिषेक हुआ था। मात्र 19 साल की उम्र में विक्टोरिया के हाथों में ब्रिटेन की कमान आ गई थी।
विक्टोरिया प्रिंस एडवर्ड की इकलौती संतान थीं। 24 मई 1819 को केंसिंग्टन पैलेस में उनका जन्म हुआ था। 10 फरवरी 1840 को उनकी शादी प्रिंस अल्बर्ट से हुई। दोनों के 9 बच्चे हैं और पूरे यूरोप मंत अलग-अलग जगहों पर इन बच्चों की शादी हुई है, इस वजह से विक्टोरिया को ‘यूरोप की दादी’ भी कहा जाता है।
63 सालों तक वे ब्रिटेन की महारानी रहीं। उनके कार्यकाल में ब्रिटेन ने हर क्षेत्र में तरक्की की और एक विश्व शक्ति के रूप में उभरा। कहा जाता है कि रानी ने अपने कार्यकाल में एक चौथाई दुनिया पर राज किया था। उनके पूरे कार्यकाल को विक्टोरियन युग कहा जाता है। साल 1876 में बिर्टिश पार्लियामेंट ने उन्हें भारत की महारानी भी बनाया। 1901 तक वे भारत की महारानी रहीं।
1861 में जब उनके पति की मौत हुई तब उनको इस बात का इतना गहरा धक्का लगा कि उसके बाद से वे पूरी उम्र एक विधवा की तरह काले कपड़े पहनने लगीं। इसी वजह से उन्हें ‘द विडो ऑफ विंडसर’ भी कहा जाता है।
1901 में रानी का निधन हो गया और इसी के साथ विक्टोरियन युग भी समाप्त हुआ।
1965: सैटेलाइट से लगाया गया था पहला कमर्शियल फोन कॉल
6 अप्रैल 1965 को नासा ने अंतरिक्ष में ‘अर्ली बर्ड’ नामक कम्यूनिकेशन सैटेलाइट लॉन्च किया। अर्ली बर्ड दुनिया का पहला कमर्शियल कम्यूनिकेशन सैटेलाइट था। ये सैटेलाइट नॉर्थ अमेरिका और यूरोप के बीच कम्यूनिकेशन सर्विस मुहैया कराता था।
इसे ह्यूज एयरक्राफ्ट कंपनी ने बनाया था और एक बार में ये सैटेलाइट 240 टेलीफोन को कनेक्ट कर सकता था। इसके जरिए ही पहला टेलीफोन कॉल किया गया था। इसकी उम्र 18 महीने थी लेकिन ये 2 साल से ज्यादा समय तक काम करता रहा।
1990 में इस सैटेलाइट के लॉन्च होने की 25वीं सालगिरह पर इसे फिर से एक्टिव किया गया। बाद में इसका नाम बदलकर इनटेलसेट-1 कर दिया गया और फिलहाल ये सैटेलाइट इनेक्टिव है। नासा ने इस सीरीज के कई सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजे जिनका इस्तेमाल कम्यूनिकेशन टेक्नोलॉजी को बढ़ाने में किया गया।
साभार: दैनिक भास्कर
1972: शिमला शिखर सम्मेलन की ऐतिहासिक शुरुआत
यह दिन हिमाचल प्रदेश और भारत-पाकिस्तान के कूटनीतिक इतिहास का एक बहुत बड़ा मील का पत्थर है। 1971 के बांग्लादेश मुक्ति युद्ध के बाद, भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पाकिस्तान के राष्ट्रपति ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो के बीच 28 जून 1972 को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में द्विपक्षीय शिखर वार्ता शुरू हुई थी।
भुट्टो अपनी बेटी बेनज़ीर भुट्टो के साथ 28 जून को ही शिमला के अन्नाडेल (Annandale) हेलीपैड पर उतरे थे। इसके बाद राजभवन और पीटरहॉफ (Peterhoff) जैसे ऐतिहासिक स्थलों पर वार्ताओं के कई दौर चले, जिसकी परिणति आगे चलकर 2 जुलाई 1972 को ऐतिहासिक ‘शिमला समझौते’ (Simla Agreement) के हस्ताक्षर के रूप में हुई।
देश-विदेश में 28 जून को इन घटनाओं के लिए भी याद किया जाता है
1748: एम्सटरडेम में दो लोगों को सार्वजनिक रूप से फांसी दिये जाने के विरोध में भडके दंगो में 200 से अधिक लोग मारे गए।
1820: टमाटर को बिना जहर वाली सब्जी साबित किया गया।
1846: एडोल्फ सैक्स ने वाद्य यंत्र सेक्सोफोन का पेटेंट कराया।
1914: आर्कड्यूक फ्रांसिस फर्डिनेंड की हत्या– ऑस्ट्रिया-हंगरी के सिंहासन के उत्तराधिकारी आर्कड्यूक और उनकी पत्नी सोफी की बोस्निया के साराजेवो में एक सर्बियाई राष्ट्रवादी, गैवरिलो प्रिंसिप द्वारा गोली मारकर की गई हत्या थी। इस घटना ने प्रथम विश्व युद्ध की शुरुआत (जुलाई संकट) को भड़काने वाली मुख्य चिंगारी का काम किया।
1919: वर्साय की संधि– प्रथम विश्व युद्ध को आधिकारिक रूप से समाप्त करने वाली ऐतिहासिक ‘वर्साय की संधि’ पर 28 जून 1919 को हस्ताक्षर किए गए थे। यह संधि ठीक उसी दिन (28 जून) की गई थी, जिस दिन पांच साल पहले 1914 में आर्कड्यूक की हत्या हुई थी। फ्रांस के वर्साय महल के ‘हॉल ऑफ मिरर्स’ (Hall of Mirrors) में जर्मनी और मित्र राष्ट्रों के बीच यह समझौता हुआ था। इसी संधि की कड़ी शर्तों के असंतोष ने आगे चलकर द्वितीय विश्व युद्ध की पृष्ठभूमि तैयार की।
1926: गोटलिब डैमलर और कार्ल बेन्ज ने दो कंपनियों का विलय कर मर्सिडीज-बेंज की शुरुआत की।
1965: पहली कमर्शियल सैटेलाइट अर्ली बर्ड (Intelsat I) ने कम्यूनिकेशन सर्विस शुरू की।
1981: ईरान में एक हमले में 74 सरकारी अधिकारियों की मौत हो गयी।
2010: हावड़ा से मुंबई (कुर्ला) जा रही मिदनापुर ज़िले में हावड़ा कुर्ला लोकमान्य तिलक ज्ञानेश्वरी सुपर डीलक्स एक्सप्रेस के 13 डिब्बे पटरी से उतर गए जिन्हें विपरीत दिशा से आ रही एक मालगाड़ी ने ज़ोरदार टक्कर मारी जिससे 149 यात्रियों की मौत हो गई और 100 से अधिक घायल हो गए।
2012: इराक में सिलसिलेवार बम धमाके में 14 लोग मारे गये और 50 घायल हो गये।
2012: तीन दशक से पाकिस्तान की जेल में बंद सुरजीत सिंह को पाकिस्तान ने भारत को सौंपा। सुरजीत पर पाकिस्तान ने जासूसी का आरोप लगाया था।
2022: मध्य यूक्रेन के पोल्टावा क्षेत्र में क्रेमेनचुक शहर के ‘एमस्टोर’ शॉपिंग मॉल पर रूस द्वारा भीषण मिसाइल से भयंकर आग लग गई। हमले के समय मॉल के अंदर लगभग 1,000 लोग मौजूद थे। इस त्रासदी में 20 लोगों की मौत हुई थी और 59 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
2023: हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (HPSDMA) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और बादल फटने की घटनाओं में 19 लोगों की मौत हुई। प्रदेश में ₹219.29 करोड़ से अधिक का भारी नुकसान हो चुका था।
28 जून को जन्मे व्यक्ति (Born on 28 June)
1873: एलेक्स कार्ल – सजीव अंगों को सुरक्षित रखने की खोज करने वाले जीव विज्ञानी।
1883: शिवप्रसाद गुप्त – हिन्दी के समाचार पत्र ‘दैनिक आज’ के संस्थापक और प्रसिद्ध क्रान्तिकारी।
1921: पीवी नरसिम्हा राव – भारत के 9वें प्रधानमंत्री। पामुलापर्ति वेंकट नरसिम्हा राव का जन्म 28 जून 1921 को हुआ था। वे 1991 से 1996 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। उन्हें भारतीय आर्थिक सुधारों का जनक माना जाता है, क्योंकि उन्हीं के कार्यकाल में तत्कालीन वित्त मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के साथ मिलकर देश में उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण ‘एलपीजी’ (LPG – Liberalization, Privatization, Globalization) सुधारों की शुरुआत हुई थी, जिसने भारतीय अर्थव्यवस्था की पूरी दिशा बदल दी।
1976: जसपाल राणा – भारत के प्रसिद्ध निशानेबाज।
1995: मरियप्पन थंगावेलु – भारत के उंची कूद के खिलाड़ी हैं।
28 जून को हुए निधन (Died on 28 June)
1839: महाराजा रणजीत सिंह– सिख साम्राज्य के संस्थापक और प्रथम महाराजा। ‘शेर-ए-पंजाब’ के नाम से प्रसिद्ध महाराजा रणजीत सिंह का निधन 28 जून 1839 को लाहौर (वर्तमान पाकिस्तान) में हुआ था। उन्होंने 19वीं सदी की शुरुआत में एक शक्तिशाली और धर्मनिरपेक्ष सिख साम्राज्य की स्थापना की थी, जिसकी सीमाएं खैबर दर्रे से लेकर पूरे पंजाब और कश्मीर तक फैली हुई थीं। उनके जीते जी अंग्रेज कभी पंजाब पर कब्जा नहीं कर पाए थे।
1836: जेम्स मैडिसन– अमेरिका के चौथे राष्ट्रपति और ‘संविधान के जनक’। जेम्स मैडिसन का निधन 28 जून 1836 को वर्जीनिया में हुआ था। इन्हें अमेरिकी इतिहास में ‘फादर ऑफ द कॉन्स्टिट्यूशन’ (Father of the Constitution) कहा जाता है, क्योंकि अमेरिका के संविधान का मुख्य मसौदा तैयार करने और ‘बिल ऑफ राइट्स’ (Bill of Rights) को लागू करवाने में इनकी मुख्य भूमिका थी।
1999: कैप्टन नीकेझाकू – ‘महावीर चक्र’ से सम्मानित भारतीय सेना में सैन्य अधिकारी थे।
28 जून के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव (Important events and festivities of 28 June)
अंतरराष्ट्रीय एलजीबीटी प्राइड दिवस
अंतरराष्ट्रीय एलजीबीटी प्राइड दिवस (International LGBT Pride Day) हर साल 28 जून को मनाया जाता है। यह दिन विशेष रूप से 1969 में न्यूयॉर्क के स्टोनवॉल दंगों (Stonewall Riots) की याद और सम्मान में मनाया जाता है, जो आधुनिक समलैंगिक अधिकारों के आंदोलन के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ थे।
28 जून 1969 को, ग्रीनविच विलेज (मैनहट्टन) में ‘स्टोनवॉल इन’ नामक गे बार पर पुलिस छापे के खिलाफ समुदाय के लोगों ने ऐतिहासिक विद्रोह किया था। इसी घटना की पहली वर्षगांठ (1970) पर दुनिया की पहली प्राइड मार्च निकाली गई थी।
इस दिन का मुख्य उद्देश्य लेस्बियन, गे, उभयलिंगी, ट्रांसजेंडर और क्वीर (LGBTQ+) समुदाय के लोगों के संघर्षों को याद करना, उनके अधिकारों की वकालत करना, और समानता व आत्म-सम्मान का जश्न मनाना है।
अंतरराष्ट्रीय बॉडी पियर्सिंग दिवस
अंतरराष्ट्रीय बॉडी पियर्सिंग दिवस (International Body Piercing Day) हर साल 28 जून को मनाया जाता है। यह दिन शरीर में बदलाव और आत्म-अभिव्यक्ति की प्राचीन कला का सम्मान करने और इसके सुरक्षित तरीकों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए समर्पित है। यह तारीख जेम्स मार्क ‘जिम’ वार्ड के जन्मदिन के उपलक्ष्य में चुनी गई है जिन्हें आधुनिक बॉडी पियर्सिंग आंदोलन का जनक माना जाता है। जिम वार्ड ने ही 1978 में कैलिफोर्निया में दुनिया का पहला पेशेवर पियर्सिंग स्टूडियो ‘Gauntlet’ खोला था।
प्रस्तुति
हिमाचल न्यूज़ रिसर्च डेस्क
बाहरी कड़ियां
विकिपीडिया
bharatdiscovery.org
Posted By: Himachal News
Himachal News की ताजा खबरों और वीडियो अपडेट्स के लिए हमारे Himachal News को फॉलो और YouTube चैनल Himachal News TV को Subscribe करें।
| जनवरी | 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 |
| फरवरी | 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 |
| मार्च | 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 |
| अप्रैल | 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 |
| मई | 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 |
| जून | 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 |
| जुलाई | 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 |
| अगस्त | 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 |
| सितंबर | 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 |
| अक्टूबर | 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 |
| नवंबर | 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 |
| दिसंबर | 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 |



