28 July 2026 Ka Panchang: ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को जानकर अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यदि आप 28 जुलाई 2026 को कोई मांगलिक कार्य, निवेश या यात्रा करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ समय और राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर किया गया कार्य सफलता की संभावनाओं को बढ़ा देता है।
28 July 2026 Ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र
शक सम्वत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम सम्वत: 2083 (सिद्धार्थि)
मास: पूर्णिमांत– श्रावण, अमांत– आषाढ़
तिथि: आषाढ़ मास (अमांत) के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि (दोपहर 12:47 बजे तक, तत्पश्चात पूर्णिमा तिथि प्रारंभ)
नक्षत्र: पूर्वाषाढा नक्षत्र (दोपहर 02:46 बजे तक, तत्पश्चात उत्तराषाढा नक्षत्र प्रारंभ)
योग: सुकर्मा योग (दोपहर 12:56 बजे तक, तत्पश्चात धृति योग प्रारंभ)
करण: वणिज (दोपहर 12:47 बजे तक), तत्पश्चात विष्टि (भद्रा) प्रारंभ।
दिन: मंगलवार
प्रविष्टे: 13 श्रावण
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: प्रातः 05:41 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:14 बजे
चन्द्रोदय: शाम 06:37 बजे
चन्द्रास्त: प्रातः (29 जुलाई सुबह 05:07 बजे)
चन्द्र राशि: चंद्रमा रात 08:32 बजे तक धनु राशि में रहने के बाद मकर राशि में प्रवेश करेंगे।
सूर्य राशि: सूर्य देव कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं।
आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:07 से 04:54 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:59 से 12:54 बजे तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:44 से 03:39 बजे तक।
गोधूलि बेला: सायं 07:13 से 07:34 बजे तक।
अमृत काल: सुबह 09:12 से 10:43 बजे तक।
राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)
राहुकाल: दोपहर 03:51 से सायं 05:33 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: सुबह 09:05 से 10:46 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: सुबह 08:26 से 09:20 बजे तक एवं रात 11:15 से मध्यरात्रि 12:00 बजे तक।
भद्रा/विष्टि: दोपहर 12:47 से प्रारंभ (मांगलिक कार्यों में वर्जित)।
आज के प्रमुख व्रत और पर्व
आषाढ़ पूर्णिमा व्रत (प्रारंभ): आज दोपहर 12:47 के पश्चात पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होने से आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा का व्रत व संध्या पूजन किया जाएगा।
सत्यनारायण व्रत कथा: पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ होने से आज शाम के समय भगवान सत्यनारायण की कथा व पूजन का विशेष पुण्यप्रद संयोग है।
आज का विशेष उपाय (Special Remedy)
चूंकि आज मंगलवार का दिन है और आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी/पूर्णिमा तिथि का शुभ संयोग बन रहा है, इसलिए संकटों से मुक्ति, बल-बुद्धि और हनुमान जी तथा भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए प्रातःकाल स्नान के बाद हनुमान जी के समक्ष चमेली के तेल का दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा अथवा बजरंग बाण का पाठ करें। शाम को पूर्णिमा तिथि के अवसर पर भगवान सत्यनारायण का ध्यान करते हुए तुलसी पत्र युक्त पंजीरी और फल का भोग लगाएं। आज के दिन जरूरतमंदों को गुड़, चना, लाल वस्त्र या तांबे के बर्तन का दान करना साहस में वृद्धि और कार्यों में सफलता दिलाने वाला रहेगा।
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
प्रस्तुति: हिमाचल न्यूज़
हरि ॐ
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