22 June in History: ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार 22 जून वर्ष का 173वां (लीप वर्ष में यह 174वां) दिन है। साल में अभी 192 दिन शेष हैं। भारत और विश्व इतिहास में 22 जून का खास महत्व है, क्योंकि इस दिन कई महत्वपूर्ण घटनाएं घटी जो इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज होकर रह गईं हैं।
आज का इतिहास में जानिए आज के दिन जन्मे चर्चित व्यक्ति, प्रसिद्ध व्यक्तियों के निधन, युद्ध संधि, किसी देश की आजादी, नई तकनिकी का अविष्कार, सत्ता का बदलना, महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दिवस के बारे में। आईए हिमाचल न्यूज़ में पढ़ें भारत और विश्व इतिहास के पन्नों में दर्ज 22 जून का इतिहास एवं घटनाक्रम।
22 जून की प्रमुख घटनाएं (What Happened on 22 June in History)
पृथ्वी सूर्य का चक्कर लगाती है, ये बताने पर पूरी जिंदगी नजरबंद रहे गैलीलियो, 359 साल बाद रोमन कैथोलिक चर्च ने मानी अपनी गलती
पोलैंड के एक महान खगोलशास्त्री थे – निकोलस कोपरनिकस। उन्होंने आम लोगों में प्रचलित अवधारणा के उलट कहा था कि पृथ्वी सूर्य के आसपास चक्कर लगाती है। इससे पहले माना जाता था कि सूर्य पृथ्वी के आसपास चक्कर लगाता है।
जब कोपरनिकस ने ये थ्योरी दी तो उनका खासा विरोध हुआ। कोपरनिकस के निधन के बाद इटली के महान खगोलशास्त्री और गणितज्ञ गैलीलियो ने भी यही बात दोहराई। गैलीलियो ने अपने प्रयोगों से दुनिया को बताया कि पृथ्वी सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाती है।
उस समय चर्च और धर्मग्रंथों के हिसाब से पूरी दुनिया में ये अवधारणा प्रचलित थी कि सूर्य पृथ्वी का चक्कर लगाता है। जब गैलीलियो ने इस थ्योरी को सार्वजनिक किया तो चर्च उनके खिलाफ हो गया। उन पर विधर्मी होने के आरोप लगाए गए और अपनी थ्योरी को गणितीय रूप से सिद्ध करने को कहा गया। साथ ही रोमन कैथोलिक चर्च में उनके खिलाफ विधर्म का मुकदमा चलाया गया।
12 अप्रैल 1633 को मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई। गैलीलियो ने खुद के बचाव में तर्क दिया कि जो वे लिख रहे हैं ये उनकी मान्यता नहीं है। वे आम लोगों में चर्चा को बढ़ावा देने के लिए ऐसा लिख रहे हैं और वे खुद भी इस बात पर यकीन नहीं करते।
लेकिन चर्च गैलीलियो के तर्कों से सहमत नहीं हुआ और उन्हें सजा सुनाई गई। 22 जून 1633 को चर्च ने फैसला सुनाते हुए कहा कि “हम (चर्च) न्याय करते हुए घोषणा करते है कि गैलीलियो को विधर्मी होने का दोषी पाया गया है। गैलीलियो का सिद्धांत और मान्यता दैवीय धार्मिक पुस्तकों का अपमान है।”
चर्च ने इस फैसले के साथ गैलीलियो को सजा भी सुनाई। उनकी किताब को बैन कर दिया गया और उन्हें नजरबंद कर दिया गया। साथ ही 3 साल तक हर हफ्ते उन्हें ईश्वर से माफी मांगने के लिए 7 साम्स पढ़ने को कहा गया।
गैलीलियो की बाकी जिंदगी नजरबंदी में ही बीती। 8 जनवरी 1642 को उनका निधन हो गया। आज गैलीलियो को दुनिया एक बेहतरीन गणितज्ञ और खगोलशास्त्री के तौर पर याद करती है। 31 अक्टूबर 1992 को चर्च ने सार्वजनिक तौर पर अपनी गलती स्वीकारते हुए कहा कि गैलीलियो का सिद्धांत सही था और चर्च से गैलीलियो को समझने में गलती हुई।
2007: धरती पर वापस लौटी थीं सुनिता विलियम्स
अंतरिक्ष में भारत का सितारा सुनीता विलियम्स अपने पहले अंतरिक्ष दौरे को पूरा कर आज ही धरती पर लौटी थीं। वे अंतरिक्ष में सबसे अधिक समय बिताने वाली महिला हैं। उन्होंने अब तक 322 दिन अंतरिक्ष में बिताए हैं जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
9 दिसंबर 2006 को सुनीता विलियम्स ने स्पेस शटल ‘डिस्कवरी’ के जरिए अंतरिक्ष की पहली उड़ान भरी थी। इसी मिशन पर सुनीता ने 4 स्पेस वॉक भी की थी। उनके नाम सबसे ज्यादा देर तक स्पेस वॉक करने का भी रिकॉर्ड है। वे अब तक अंतरिक्ष में 50 घंटे से ज्यादा स्पेस वॉक कर चुकी हैं।
दरअसल स्पेस वॉक करना बेहद मुश्किल होता है और इसके लिए कठिन तैयारी करनी पड़ती है। 2007 में आज ही के दिन सुनीता विलियम्स अपने पहले अंतरिक्ष मिशन को पूरा करने के बाद धरती पर वापस लौटी थीं। उसके बाद साल 2012 में भी वे अंतरिक्ष यात्रा पर जा चुकी हैं।
1939: सुभाष चंद्र बोस ने कांग्रेस से अलग होकर फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना की
साल 1939 में आज ही के दिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना की थी। ये दल कांग्रेस के भीतर से बनकर ही अलग हुआ था। दरअसल साल 1938 में सुभाष चंद्र बोस पहली बार कांग्रेस के अध्यक्ष बने।
कहा जाता है कि गांधी जी और सुभाष चंद्र बोस में कुछ मतभेद थे इसलिए गांधी जी सुभाष चंद्र बोस को अध्यक्ष पद पर नहीं देखना चाहते थे और उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए पट्टाभि सीतारमैया का नाम आगे बढ़ाया। साल 1939 में पट्टाभि सीतारमैया अध्यक्ष पद का चुनाव हार गए और नेताजी एक बार फिर कांग्रेस के अध्यक्ष बने।
साभार: दैनिक भास्कर
देश-विदेश में 22 जून को इन घटनाओं के लिए भी याद किया जाता है
1555: हुमांयू ने सिकंदर सूरी को पराजित कर अकबर को उत्तराधिकारी घोषित किया।
1757: प्लासी का युद्ध- ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला को हराया। इस युद्ध को भारत में अंग्रेजी शासन की शुरुआत माना जाता है।
1815: नेपोलियन बोनापार्ट का दूसरा और अंतिम त्यागपत्र- ‘वाटरलू की ऐतिहासिक लड़ाई’ (18 जून 1815) में ब्रिटिश और प्रशिया की सेना के हाथों करारी हार झेलने के ठीक चार दिन बाद, 22 जून 1815 को फ्रांसीसी सम्राट नेपोलियन बोनापार्ट ने दूसरी और अंतिम बार फ्रांस के सम्राट का पद छोड़ दिया था। इसके बाद उन्हें सेंट हेलेना द्वीप पर निर्वासित कर दिया गया।
1897: चापेकर बंधुओं का ऐतिहासिक विद्रोह (पुणे)- भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में यह तारीख सुनहरे अक्षरों में दर्ज है। इसी दिन पुणे में दामोदर हरि चापेकर और बालकृष्ण हरि चापेकर (चापेकर बंधु) ने अत्याचारी ब्रिटिश प्लेग कमिश्नर डब्ल्यू. सी. रैंड (W. C. Rand) की गोली मारकर हत्या कर दी थी। रैंड ने प्लेग जांच के बहाने पुणे के नागरिकों और महिलाओं के साथ घोर दुर्व्यवहार किया था, जिसका बदला इन वीर सपूतों ने लिया।
1918: स्पैनिश ‘फ्लू’ ने महामारी का रूप लिया, जिसकी वजह से 6 महीनों में 30 मिलियन से ज्यादा लोग मरे गए।
1933: हिटलर ने जर्मनी में नेशनल सोशलिस्ट पार्टी को छोड़ बाकी सभी राजनीतिक पार्टियों पर बैन लगा दिया।
1934: वॉक्सवैगन बीटल के पहले प्रोटोटाइप पर काम शुरू हुआ। वॉक्सवैगन की ये सबसे चर्चित कार है।
1941: ‘ऑपरेशन बारब्रोसा’ रूस पर हिटलर का हमला- द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 22 जून 1941 को जर्मनी के तानाशाह एडॉल्फ हिटलर ने सोवियत संघ (USSR) पर अचानक आक्रमण कर दिया था। इस सैन्य अभियान को ‘ऑपरेशन बारब्रोसा’ कोडनेम दिया गया था। यह इतिहास के सबसे बड़े और विनाशकारी सैन्य हमलों में से एक था, जिसने विश्व युद्ध का पूरा पासा ही पलट दिया।
1946: इंग्लैंड और भारत के बीच लंदन के लॉडर्स क्रिकेट मैदान में पहला क्रिकेट टेस्ट मैच शुरू हुआ।
1948: ब्रिटिश सम्राट ने भारत के सम्राट का खिताब (इम्प्रेरर ऑफ इंडिया शीर्षक) को त्यागा।
1986: डिएगो माराडोना का ‘हैंड ऑफ गॉड’ गोल- फुटबॉल के इतिहास में आज की तारीख अमर है। मेक्सिको सिटी में अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच खेले गए फीफा विश्व कप के क्वार्टर फाइनल मैच में महान फुटबॉलर डिएगो माराडोना ने अपने हाथ से एक विवादित गोल किया, जिसे बाद में ‘हैंड ऑफ गॉड’ कहा गया। इसी मैच में उन्होंने 5 इंग्लिश डिफेंडर्स को छकाते हुए ‘गोल ऑफ द सेंचुरी’ (सदी का सर्वश्रेष्ठ गोल) भी दागा था।
1996: सौरव गांगुली का ‘लॉर्ड्स’ पर धमाकेदार डेब्यू- भारतीय क्रिकेट के इतिहास में आज का दिन ‘दादा’ यानी सौरव गांगुली के नाम दर्ज है। 22 जून 1996 को सौरव गांगुली ने क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले इंग्लैंड के लॉर्ड्स मैदान पर अपना पहला टेस्ट मैच खेला था। उन्होंने अपने इस डेब्यू मैच में ही 131 रनों की ऐतिहासिक शतकीय पारी खेलकर दुनिया को अपनी ताकत का एहसास कराया था।
2002: उत्तरी-पश्चिमी ईरान में जबरदस्त भूकंप से 500 से अधिक लोगों की मौत, बड़ी संख्या में लोग घायल हुए।
2005: पूरा ईराक विश्व धरोहर सूची में शामिल।
2009: 21वीं सदी का सबसे लंबा सूर्यग्रहण भारत में दिखाई दिया।
2015: अफगानिस्तान की नेशनल असेंबली ईमारत में आत्मघाती हमला, सभी हमलावर मारे गये, 18 लोग घायल हुए।
2016: ISRO ने अंतरिक्ष में रचा था महा-रिकॉर्ड: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 22 जून 2016 को विज्ञान की दुनिया में भारत का डंका बजाया। इसरो ने सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से पीएसएलवी-सी34 (PSLV-C34) रॉकेट के जरिए भारत के ‘कार्टोसैट-2’ के साथ एक साथ 20 उपग्रहों (Satellites) को अंतरिक्ष की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर एक नया रिकॉर्ड कायम किया था।
2022: अफगानिस्तान में दशकों का सबसे विनाशकारी भूकंप- 22 जून 2022 को तड़के सुबह पूर्वी अफगानिस्तान के खोस्त और पक्तिका प्रांतों में 6.1 तीव्रता का एक विनाशकारी भूकंप आया। इस भीषण प्राकृतिक आपदा में 1,000 से अधिक लोगों की जान चली गई और हजारों घर जमींदोज हो गए।
2022: श्रीलंका के प्रधानमंत्री की ‘अर्थव्यवस्था ध्वस्त’ होने की आधिकारिक घोषणा- आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका के तत्कालीन प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने संसद में एक ऐतिहासिक और दर्दनाक बयान दिया। उन्होंने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया कि “श्रीलंका की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है” और देश अब ईंधन, गैस, बिजली और भोजन जैसी बुनियादी चीजों को खरीदने की स्थिति में भी नहीं बचा है।
2022: असम और बांग्लादेश में भीषण बाढ़ का कहर- जून 2022 का यह हफ्ता भारत के पूर्वोत्तर राज्यों (विशेषकर असम) और बांग्लादेश के लिए बेहद भारी था। 22 जून 2022 को असम के 32 जिलों में ब्रह्मपुत्र और बराक नदियों के उफान के कारण करीब 55 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए।
2024: यूएई (UAE) के तट पर चौथी शताब्दी के प्राचीन ‘मोतियों के शहर’ की खोज- पुरातत्व और इतिहास की दुनिया में इस दिन एक बड़ी खोज सामने आई। संयुक्त अरब अमीरात के उम्म अल-कुवैन पर्यटन और पुरातत्व विभाग द्वारा 22 जून 2024 के दौरान जारी शोध रिपोर्टों के अनुसार, शोधकर्ताओं ने सिनियाह द्वीप के पास प्राचीन ऐतिहासिक शहर ‘तुआम’ (Tu’am) के अवशेषों की पहचान की। यह चौथी से छठी शताब्दी का एक बेहद समृद्ध शहर था, जो प्राचीन काल में अपने विशेष मोती उद्योग (Pearl Fishing) के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध था।
2025: अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले- यह साल 2025 की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली वैश्विक सैन्य घटना थी। 22 जून 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आधिकारिक घोषणा की कि अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के कई प्रमुख परमाणु स्थलों (जिनमें नतांज परमाणु सुविधा और फ़ोर्डो यूरेनियम संवर्धन संयंत्र शामिल थे) पर हवाई हमले किए हैं। इसके जवाब में ईरान की संसद ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने के पक्ष में मतदान किया और इजरायल पर 40 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिससे मध्य पूर्व (Middle East) में युद्ध का संकट चरम पर पहुंच गया था।
2025: सीरिया के दमिश्क में चर्च पर आत्मघाती हमला- सीरिया की राजधानी दमिश्क के ऐतिहासिक ‘मार एलियास चर्च’ (Mar Elias Church) के अंदर एक कथित इस्लामिक स्टेट (IS) के आत्मघाती हमलावर ने अंधाधुंध गोलीबारी की और खुद को उड़ा लिया। इस भीषण आतंकी हमले में हमलावर सहित 23 लोगों की मौत हो गई और 60 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
2026: लखनऊ के अलीगंज कोचिंग सेंटर में भीषण अग्निकांड- भारत के प्रशासनिक और नागरिक मोर्चे पर 22 जून 2026 को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके के एक कोचिंग सेंटर की बहुमंजिला इमारत में अचानक भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की जान चली गई।
22 जून को जन्मे व्यक्ति (Born on 22 June)
1900: गणेश घोष – भारतीय स्वतंत्रता सेनानी।
1932: अमरीश पुरी – भारतीय सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता और खलनायक। अमरीश पुरी का पंजाब के नवांशहर में हुआ था। ‘मोगैंबो’ के किरदार से अमर हुए अमरीश पुरी ने भारतीय सिनेमा पर दशकों तक राज किया और अपनी एक अमिट छाप छोड़ी।
1950: टॉम अल्टर – भारतीय सिनेमा के अभिनेता थे।
22 जून को हुए निधन (Died on 22 June)
1994: एल. वी. प्रसाद – भारतीय सिनेमा के निर्माता-निर्देशक और अभिनेता। एल. वी. प्रसाद ने हिन्दी की पहली बोलती फ़िल्म ‘आलम आरा’, वहीं तमिल भाषा की पहली बोलती फ़िल्म ‘कालिदास’ और तेलुगु भाषा की पहली बोलती फ़िल्म ‘भक्त प्रह्लाद’ में काम किया ।
2014: राम नारायणन – राम नारायणन भारतीय तमिल फ़िल्म निर्देशक एवं निर्माता थे। उन्होंने 36 वर्षों में 124 फ़िल्मों का निर्माण करके विश्व-कीर्तिमान स्थापित किया।
प्रस्तुति
हिमाचल न्यूज़ रिसर्च डेस्क
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