12 June 2026 Ka Panchang: ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को जानकर अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यदि आप आज यानी 12 जून 2026 को कोई मांगलिक कार्य, निवेश या यात्रा करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ समय और राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर किया गया कार्य सफलता की संभावनाओं को बढ़ा देता है।
12 june 2026 Ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र
शक सम्वत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम सम्वत: 2083 (सिद्धार्थि)
तिथि: ज्येष्ठ (अधिकमास) माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि (सुबह 08:35 बजे तक, तत्पश्चात त्रयोदशी तिथि प्रारंभ)
नक्षत्र: अश्विनी (सुबह 06:44 बजे तक, तत्पश्चात भरणी नक्षत्र प्रारंभ)
योग: शोभन
करण: कौलव (सुबह 08:35 बजे तक), फिर तैतिल (रात 08:02 बजे तक)
दिन: शुक्रवार
प्रविष्टे: 29 ज्येष्ठ
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: प्रातः 05:23 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:18 बजे
चन्द्रोदय: रात 03:02 बजे (13 जून की तड़के)
चन्द्रास्त: दोपहर 04:15 बजे
चन्द्र राशि: चंद्रमा पूरे दिन और रात मेष राशि में संचार करेंगे।
सूर्य राशि: सूर्य वृष राशि में विराजमान हैं।
आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 03:49 से 04:36 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:51 से 12:46 बजे तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:40 से 03:35 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:18 से 07:40 बजे तक।
अमृत काल: रात 12:35 से 02:07 बजे तक (13 जून की तड़के)।
राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)
राहुकाल: सुबह 10:36 से दोपहर 12:20 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: दोपहर 03:49 से सायं 05:33 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: सुबह 08:08 से 09:03 बजे तक, तथा इसके बाद दोपहर 12:46 से 01:41 बजे तक।
आज के प्रमुख व्रत और पर्व
आज ज्येष्ठ मास (अधिकमास) के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है, जिसका समापन सुबह 08:35 बजे हो जाएगा और उसके बाद त्रयोदशी तिथि लग जाएगी। आज प्रदोष व्रत का पावन संयोग बन रहा है। चूंकि आज शुक्रवार का दिन है, इसलिए इसे ‘भृगु प्रदोष’ या ‘शुक्र प्रदोष व्रत’ कहा जाता है। भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा पाने के लिए यह दिन अत्यंत फलदायी है। आज सुबह 06:44 बजे के बाद शुक्र देव के स्वामित्व वाले ‘भरणी’ नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो कला, सौंदर्य और भौतिक सुखों की वृद्धि के लिए उत्तम माना जाता है।
आज का विशेष उपाय (Special Remedy)
चूंकि आज शुक्रवार का दिन है (जो धन, ऐश्वर्य और सुख-समृद्धि की देवी माता लक्ष्मी तथा शुक्र ग्रह को समर्पित है) और साथ ही आज प्रदोष व्रत भी है, अतः जीवन में आर्थिक उन्नति और मानसिक शांति के लिए आज ये विशेष उपाय करें:
माता लक्ष्मी को खीर का भोग: आज सुबह या शाम के समय माता लक्ष्मी के सम्मुख घी का दीपक जलाएं। उन्हें मखाने या चावल की सफेद खीर का भोग लगाएं और ‘ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का जाप करें।
शाम को शिव लिंग पर जल और बेलपत्र: प्रदोष काल (सूर्यास्त के समय) में किसी शिव मंदिर जाएं। भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करें और उन्हें 5 या 11 बेलपत्र ‘ॐ नमः शिवाय’ कहते हुए अर्पित करें। इससे कर्ज से मुक्ति मिलती है।
सफेद वस्तुओं का दान: कुंडली में शुक्र ग्रह को मजबूत करने और सुख-साधनों में वृद्धि के लिए आज किसी जरूरतमंद को सफेद रंग की वस्तुएं जैसे चावल, चीनी, दूध, दही या सफेद वस्त्रों का दान करें।
सावधानी: आज शुक्रवार को पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहता है। यदि पश्चिम दिशा की यात्रा अत्यंत आवश्यक हो, तो आज सुबह घर से निकलने से पहले थोड़ा सा दही या जौ खाकर ही प्रस्थान करें।
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
प्रस्तुति: हिमाचल न्यूज़
हरि ॐ
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